प्रेस विज्ञप्ति
अपर बाजार के व्यापारियों को भेजे गए नोटिस का झारखंड चैंबर ने किया विरोध
नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार से निरस्त करने की मांग
बकरी बाजार में पार्किंग निर्माण करने का आग्रह

रांची: नगर निगम की ओर से हाल के दिनों में अपर बाजार के व्यापारियों को नोटिस भेजकर भवन खाली करने के निर्देश पर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कड़ी आपति जतायी है। इस संबंध में सोमवार को झारखंड चैंबर का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार से मिला और एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से व्यापारियों को भेजे गये नोटिस को निरस्त करने का आग्रह किया। साथ ही अपर बाजार में पार्किंग की समस्या का निदान करने की भी बात कही। इसके बाद चैंबर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि नगर निगम की ओर व्यवसायियों को भवन खाली करने का नोटिस एक तुगलगी फरमान है। यह एक अत्यंत गंभीर मामला है। झारखंड चैंबर इस पर कड़ी आपति दर्ज करता है। मुख्यमंत्री और नगर विकास विभाग के मंत्री से आग्रह करता है कि नोटिस को निरस्त करें और इस संबंध में झारखंड चैंबर से वार्ता कर समस्या का निदान करे। रांची नगर निगम के अधिकारियों से भी आग्रह कि वह व्यापारियों के साथ बैठकर बातचीत करें। साथ ही बकरी बाजार में मल्टी स्टोरेज पार्किंग का निर्माण हो, ताकि अपर बाजार की पार्किंग की समस्या का समाधान हो सके। झारखंड चैंबर पिछले कई सालों से बकरी बाजार में पार्किंग बनाने का आग्रह करती रही है, लेकिन अभी तक उस दिशा को कोई भी पहल नहीं की गई है। चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि अपर बाजार में 600 से अधिक दुकानें है। इससे 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान ही रहा है। करीब 10 हजार से अधिक परिवारों का भरण पोषण हो रहा है। नगर निगम के इस रवैये से व्यवसायियों में भय का माहौल है।
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि अपर बाजार रांची का बड़ा व्यावसायिक केंद्र है। यहां वर्षों से व्यवसायी व्यापार कर रहे हैं। राज्य के आर्थिक विकास में अपर बाजार की सहभागिता बहुत ही महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार और नगर निगम से आग्रह है कि बैठकर बातचीत कर ठोस निर्णय ले।
चैंबर के पूर्व अध्यक्ष आर के सरावगी ने कहा कि व्यवसायियों को नोटिस भेजना बहुत ही गलत है व्यवसायियों को कोई विकल्प ही नहीं दिया जा रहा है। सरकार और नगर निगम से आग्रह है कि जनहित में कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाए नहीं तो अराजकता फैल जाएगी। व्यवसायियों में डर और भय का माहौल है।
पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि झारखंड के विकास में अपर बाजार का बड़ा योगदान है। राजस्व भी बड़े स्तर पर दे रहा है। यहां के व्यवसायियों को उजाड़ने नहीं दिया जाएगा। रांची नगर निगम को कई वर्षों से बकरी बाजार में टू लेयर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव दिया गया। इस दिशा में अभी तक नहीं हुआ है। नगर निगम पहले बकरी बाजार में टू लेयर पार्किंग का निर्माण करे।
चैंबर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि व्यवसायियों को नोटिस देकर दुकान खाली करने के फरमान को झारखंड चैंबर बहुत ही गंभीरता से ले रहा है। इस नोटिस के कारण व्यवसायियों के मन में रोष है। जहां व्यापार होगा, वहां जमा कि स्थिति बनती ही है।
चैंबर उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि अपर बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। नगर निगम को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी अपने अथक प्रयास से व्यापार उद्योग के प्रति सकारात्मक माहौल बनाकर देश विदेश से निवेशकों को आमंत्रित कर रही है। वही, एक तरफ नगर निगम राज्य में व्यापार कर रहे व्यवसाय को ठप करने में लगे हुए है। सरकार से आग्रह होगा कि इसका समाधान जल्द करे।
चैंबर के सह सचिव नवजोत अलंग ने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर व्यापारियों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। एक तरफ राज्य सरकार देश विदेश में निवेश की बात कह रही है। इधर रांची नगर निगम यहां व्यवसायियों को परेशान कर रही है।
सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि सरकार सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करे। आज हमने माननीय मंत्री जी के समक्ष अपना पक्ष विस्तार से रखा।
उन्होंने आगे कहा कि नगर निगम द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि उक्त स्थान पर यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, जबकि वास्तविकता यह है कि उसी व्यस्त स्थल पर नगर निगम ने अपना वाहन पड़ाव (स्टोर) बना रखा है, जिसके कारण लगातार जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इसलिए हमारी मांग है कि नगर निगम के वाहन पड़ाव (स्टोर) को तत्काल वहां से हटाया जाए तथा उस स्थान पर सुव्यवस्थित पार्किंग स्टॉल का निर्माण किया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों को नोटिस जारी किए जाने से व्यापारियों में असमंजस और भय का माहौल है। प्रशासन को किसी भी कार्रवाई से पहले व्यापारियों से संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर की गई एकतरफा कार्रवाई उचित नहीं है और झारखंड चैंबर हर परिस्थिति में व्यापारियों के साथ खड़ा रहेगा।
कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल ने कहा कि अपर बाजार रांची की व्यापारिक पहचान है और यहां वर्षों से हजारों व्यापारी अपना व्यवसाय कर रहे हैं। नगर निगम को व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी कार्रवाई से पहले उनसे संवाद करना चाहिए। बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह के नोटिस से व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। सरकार को इस पूरे मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र समाधान निकालना चाहिए, ताकि व्यापार और रोजगार दोनों प्रभावित न हों।
कार्यकारिणी सदस्य डॉ अभिषेक रामाधीन ने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर व्यापारियों का विश्वास बहाल करना चाहिए और पार्किंग सहित अन्य बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
कार्यकारिणी सदस्य विकास विजयवर्गीय ने कहा कि प्रशासन का काम है टैक्स लेना। सरकार का काम है जन कल्याण करना। इन जन कल्याण में व्यापारी भी आते है। सरकार व्यापारियों के हितों का ध्यान रखना चाहिए। नौकरी पैदा करने वाले संस्थानों को बसाना चाहिए न कि उजाड़ना चाहिए।
प्रेस वार्ता में विकास विजयवर्गीय, अमित शर्मा, अंजय सरावगी समेत अन्य लोग मौजूद थे।
रोहित अग्रवाल
महासचिव
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