प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक :03/06/2026)
अनाधिकृत भवनों के नियमितीकरण के मुद्दे पर विभागीय सचिव से वार्ता
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फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार से मुलाकात कर अनाधिकृत भवनों के नियमितीकरण संबंधी अधिसूचना पर चर्चा की। बैठक में स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक सूरज कुमार भी उपस्थित थे।
प्रतिनिधिमंडल ने अनाधिकृत भवनों के नियमितीकरण संबंधी अधिसूचना पर बिंदुवार चर्चा की और ग्रामीण क्षेत्रों में योजना को प्रभावी बनाने, ऑनलाइन आवेदन को सरल बनाने, एसओपी जारी करने, रोड वाइडनिंग, बेसमेंट एवं लोअर ग्राउंड फ्लोर, लेबर सेस, प्लॉट एरिया, एफएआर सीमा तथा शुल्क संरचना सहित विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किये।
विभागीय प्रधान सचिव सुनील कुमार तथा सूरज कुमार ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की और प्रत्येक विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।उन्होंने सुझावों को व्यावहारिक बताते हुए आवश्यक स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। विभागीय सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लाई गई यह योजना नागरिकों एवं भवन स्वामियों को राहत प्रदान करने वाली पहल है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया कि वे व्यापारिक संगठनों, भवन स्वामियों एवं आम नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने तथा अपने अनाधिकृत निर्माणों का नियमितीकरण कराने के लिए प्रेरित करें, ताकि पात्र लोग इस योजना का अधिकतम लाभ उठा सकें।
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग द्वारा आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किए जाने के बाद यह योजना और अधिक प्रभावी ढंग से लागू होगी तथा हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि चैंबर द्वारा इस योजना के संबंध में व्यापारिक संगठनों, भवन स्वामियों तथा आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास किया निभाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि सुझावों को अधिसूचना में समाहित किया जाना आवश्यक है ताकि योजना के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि चूँकि यह एक जनहितकारी योजना है, इसलिए इसमें औपचारिकताओं को न्यूनतम रखा जाए तथा आवेदनों के त्वरित निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आर्किटेक्ट अतुल सराफ ने सुझाव दिया कि राज्य के अनेक जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े भूखंडों पर निर्मित आवास हैं। ऐसे मामलों में भवन के प्लिंथ एरिया को आधार मानकर आवेदनों की स्वीकृति प्रदान की जानी चाहिए, जिससे अधिकाधिक लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, आर्किटेक्ट एसोसिएशन के चेयरमैन अतुल सर्राफ, उपाध्यक्ष अपूर्व मिंज, कार्यकारिणी सदस्य आर्किटेक्ट अरुण कुमार, नितेश पॉल, गोपीकांत महतो, सहित आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी शामिल थे।
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रोहित अग्रवाल
महासचिव
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