प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक :20/05/2026)
झारखण्ड चैम्बर की उद्योग सचिव एवं जियाडा प्रबंध निदेशक के साथ समीक्षा बैठक
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फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सह सचिव रोहित पोद्दार के नेतृत्व में राज्यभर के औद्योगिक क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान उद्यमियों से प्राप्त समस्याओं को लेकर आज होटल रेडिसन ब्लू में उद्योग सचिव अरवा राजकमल और जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। करीब दो घंटे तक चली इस विस्तृत समीक्षा बैठक में उद्योग सचिव ने सभी जिलों से आए उद्यमियों की समस्याओं को एक-एक कर गंभीरता से सुना। उद्योग सचिव ने कई मामलों में मौके पर ही जियाडा के प्रबंध निदेशक एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है तथा उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में देवघर, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग एवं बरही औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक में राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, भूमि आवंटन के उपरांत पजेशन में समस्या, अप्रोच रोड, पावरकट, ड्रेनेज, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। झारखण्ड चैम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और सह सचिव रोहित पोद्दार ने निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आई समस्याओं को क्रमवार उद्योग सचिव एवं जियाडा के प्रबंध निदेशक के समक्ष रखा। बैठक में उद्यमियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में भूमि आवंटन के वर्षों बाद भी पजेशन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उद्योग स्थापना प्रभावित हो रही है और उद्यमियों की पूंजी फंस रही है। इसके अलावा कई इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क एवं ड्रेनेज की स्थिति जर्जर है तथा बिजली एवं जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी बनी हुई है। इस दौरान उयदमियों से सब्सिडी से जुड़े मुद्दों से भी उद्योग सचिव को अवगत कराया।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर समन्वय एवं नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता है, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस पिकेट, अलग विद्युत फीडर एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की मांग भी रखी। यह भी कहा गया कि देवीपुर स्थित प्लास्टिक पार्क में प्लाट आवंटित कर इसका संचालन जल्द शुरू किया जाय। यह भी मांग की गई कि प्लास्टिक पार्क में लगभग 36 पूर्व से आवंटित प्लॉट के आवंटन प्रक्रिया को 30 दिनों के अंदर निष्पादित किया जाय तथा बाकि बचे हुए प्लॉट पर आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाय। यहाँ सारी सुविधा है इसमें प्लग एंड प्ले के तर्ज पर प्लास्टिक उद्योग लगाया जाय।
उद्योग सचिव एवं जियाडा के प्रबंध निदेशक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के विकास एवं निवेश प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है तथा औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान हेतु विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उद्योग सचिव ने जसीडीह फेज-1 स्थित बीएसएनएल के बंद पड़े कार्यालय के आवंटन को रद्द कर उक्त भूमि को अन्य उद्यमियों को आवंटित करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही। चैम्बर की मांग पर उन्होंने यह भी कहा कि जियाडा के क्षेत्रीय कार्यालयों को प्रत्येक माह स्थानीय चैम्बर प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने हेतु निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि उद्यमियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके। औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति को लेकर भी उन्होंने गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के संचालन एवं नए निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार उदार एवं उद्योग-अनुकूल दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है तथा इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति जल्द ही लागू की जाएगी, जिसमें उद्योगों के प्रोत्साहन एवं निवेश आकर्षित करने हेतु कई आकर्षक योजनाएं एवं प्रावधान शामिल किए गए हैं।
चैम्बर की मांग पर जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने कहा कि जियाडा द्वारा जल्द ही यूनिफाइड आईपी सिस्टम लॉन्च किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक अलॉटी का अलग अकाउंट होगा। इस सिस्टम में आवंटित भूमि से संबंधित सभी विवरण उपलब्ध रहेंगे तथा एनओसी प्राप्त करने, शिकायत दर्ज करने, शिकायतों के निपटारे सहित विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और उद्यमियों को विभागीय प्रक्रियाओं में सहूलियत मिलेगी। भूमि आवंटन के बाद लैंड पजेशन में आने वाली समस्याओं को उन्होंने वास्तविक बताते हुए कहा कि जियाडा द्वारा इसके समाधान हेतु नया रेगुलेशन लाया जा रहा है, जिससे ऐसे मामलों का त्वरित निष्पादन संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि डीओपी वर्डिंग में भी बदलाव किया जा रहा है, जिससे भविष्य में प्रोजेक्ट चेंज अथवा नेचर ऑफ बिजनेस परिवर्तन जैसी समस्याएं उद्यमियों के लिए बाधा नहीं बनेंगी। उन्होंने कई इंडस्ट्रियल एरिया में जलापूर्ति की समस्या को भी गंभीरता से लेते हुए आवश्यक स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने एवं आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
झारखण्ड चैम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्यभर में चल रहा निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा सभी औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कर एक समग्र रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके। बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग, सह सचिव रोहित पोद्दार, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनय अग्रवाल, सदस्य अलोक मल्लिक, गोपालकृष्ण शर्मा, मंजीत साहनी, बिनोद अग्रवाल, पीके गर्ग, पंकज भालोटिया, रवि गाड़ोदिया सहित कई उद्यमी शामिल थे।
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नवजोत अलंग
सह सचिव
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