Press Release

Joint Meet of FJCCI Real Estate - Urban Development and Master Plan Sub-Committees Held at Chamber Bhawan

  • 20Apr-2026

    प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक :20/04/2026)
    रियल एस्टेट-अर्बन डेवलपमेंट एवं मास्टर प्लान उप-समिति की संयुक्त बैठक 
    ===================

    Uploaded Image
    झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स की रियल एस्टेट-अर्बन डेवलपमेंट एवं मास्टर प्लान उप समितियों की संयुक्त बैठक आज चैम्बर भवन में हुई। सदस्यों ने राज्य सरकार द्वारा लाये गए भवन नियमितीकरण योजना बिल का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया। साथ ही इसमें आवश्यक सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया गया। समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर कहा गया कि वर्तमान बिल के अनुसार जी 2 एवं 10 मीटर तक ऊंचाई वाले भवनों को नियमित किया जाएगा। इस पर चर्चा करते हुए सदस्यों ने मांग की कि इस दायरे को बढ़ाकर 15 मीटर ऊंचाई एवं 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के भवनों को भी शामिल किया जाय ताकि अधिकाधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त, योजना की अवधि को बढ़ाने तथा रेगुलराइजेशन प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने की भी मांग की गई, जिससे आम नागरिकों और व्यवसायियों के लिए इसका लाभ लेना आसान हो सके।

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बिल का अध्ययन करने के पश्चात पूरे राज्य के व्यवसायियों को अवगत कराया जाएगा, इसमें स्थानीय जिला चैम्बर का भी सहयोग लिया जायेगा ताकि राज्यभर में अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। 

    रियल एस्टेट उप समिति के चेयरमैन अंचल किंगर और अलोक सरावगी ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार द्वारा लाया गया यह बिल आमजनों के लिए राहत भरा कदम है। यदि इसके दायरे को बढ़ाकर 15 मीटर और 500 वर्ग मीटर तक किया जाता है, तो इससे अधिकतम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। 

    उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया और राम बांगड़ ने संयुक्त रूप से कहा कि यह योजना शहरी विकास को नई दिशा दे सकती है। यदि इसकी अवधि बढ़ाई जाती है और दायरा विस्तारित किया जाता है, तो अधिकाधिक नागरिकों को राहत मिलेगी। बैठक में रांची मास्टर प्लान 2037 में संसोधन और बाजार टांड की दुकानों के किराया विवाद के समाधान पर भी चर्चा हुई। उप समिति चेयरमैन विकास मोदी ने कहा कि कतिपय कारणों से पिछले दस वर्षों से मास्टर प्लान की समीक्षा नहीं हो सकी है, जिससे भू मालिक अपनी भूमि का प्रभावी उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि झारखण्ड चैम्बर के प्रतिनिधित्व से विभाग द्वारा उच्चस्तरीय समिति गठित कर मास्टर प्लान एवं बिल्डिंग बाई लॉज की समीक्षा की जाय। चर्चाओं के क्रम में उन्होंने झारखण्ड बिल्डिंग बाई लॉज 2016 में भी जरुरी संशोधन की आवश्यकता बताई।

    बैठक में उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, उप समिति चेयरमैन विकास मोदी, अंचल किंगर, अलोक सरावगी, सदस्य पियूष मोर, आर्किटेक्ट अतुल सराफ, उत्सव परासर उपस्थित थे। 
    -
    रोहित अग्रवाल 
    महासचिव 
    ==============

Copyright © 2021-2026 FJCCI