प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक : 13/03/2026)
नए आयकर अधिनियम 2025 पर टैक्स सेमिनार का आयोजन
==================


फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और झारखण्ड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आज चैम्बर भवन में न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं हाल के परिवर्तनों पर टैक्स सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि मुख्य आयकर आयुक्त श्री राजेश कुमार झा तथा मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर से आये सीए राजेश मेहता ने विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
झारखण्ड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पसारी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नए आयकर अधिनियम को समझना और उसे अपने क्लाइंट्स तक सही तरीके से पहुँचाना टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे सेमिनार से टैक्स प्रैक्टिशनर्स को नए कानून को व्यवहार में लागू करने में काफी सहायता मिलेगी। मुख्य आयकर आयुक्त श्री राजेश कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा नए आयकर कानून को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स को प्रावधानों को समझने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि कानून को सरल भाषा और व्यवस्थित संरचना में प्रस्तुत किया गया है, जिससे कम्प्लायंस भी अधिक सुगम होगा। उन्होंने टैक्स प्रैक्टिशनर्स से अपील की कि वे नए अधिनियम का गहन अध्ययन करें और करदाताओं को इसके प्रावधानों के बारे में सही मार्गदर्शन प्रदान करें।
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि नए आयकर अधिनियम 2025 को लेकर व्यापारियों, उद्योगों और टैक्स प्रोफेशनल्स के बीच कई प्रकार की जिज्ञासाएं हैं। ऐसे में इस प्रकार के सेमिनार सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि कानून को सरल बनाना सरकार की एक सकारात्मक पहल है और इसके सही क्रियान्वयन के लिए टैक्स प्रैक्टिशनर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि चैम्बर और बार एसोसिएशन द्वारा आगे भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजना किया जायेगा।
कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता सीए राजेश मेहता ने नए आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि यह नया कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि एक्ट को अधिक व्यवस्थित और सरल बनाने के लिए कई प्रावधानों को शेड्यूल और टेबुलर फॉर्म में प्रस्तुत किया गया है, जिससे कानून को समझना आसान होगा। उन्होंने यह भी बताया कि नए एक्ट में व्यवसायियों के लिए पिछले 7 वित्तीय वर्षों के बुक्स ऑफ अकाउंट्स सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण में कैपिटल गेंस के प्रावधान, जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के प्रावधान, टीडीएस रिटर्न, चैरिटेबल ट्रस्ट से संबंधित नियम, एमएसएमई पेमेंट्स तथा आयकर के नए और पुराने फॉर्म के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का मंच संचालन चैम्बर के जीएसटी सेंट्रल उप समिति के चेयरमैन सीए आदित्य शाह ने किया। इस दौरान सीए संदीप गाड़ोदिया ने फर्म और एलएलपी से संबंधित इंटरप्रेटेशन के बारे में प्रश्न रखा, जिसपर विशेषज्ञों ने बताया कि नए एक्ट में इन प्रावधानों को भी टेबुलर फॉर्म में सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के अंत में बार एसोसिएशन के सदस्य सुरेश साबू, राजेश मेहता, अधिवक्ता महेंद्र चौधरी, दीपक पटेल, एच.एल. पटेल, दीपक गाड़ोदिया तथा चैम्बर के डायरेक्ट टैक्स उप समिति के चेयरमैन सीए पंकज मक्कड़ ने मुख्य आयकर आयुक्त एवं मुख्य वक्ता को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। अधिवक्ता रामवतार नारसरिया ने कार्यशाला में आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यषाला में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल, जिटबा के अध्यक्ष आनंद पसारी, सचिव दीपक पटेल, चैम्बर के सीजीएसटी उप समिति के चेयरमैन सीए आदित्य शाह, डायरेक्ट टैक्स उप समिति के चेयरमैन सीए जेपी शर्मा, सीए पंकज मक्कड़, सदस्य संदीप गाड़ोदिया, महेंद्र चौधरी, ज्योति पोद्दार, बीके बंका, पीएल पाटोदिया, बलिराम जायसवाल, ब्रजेश चौधरी, नीरज मोदी, प्रशांत पाटोदिया, पंकज तयाल, बिनोद बक्शी, पंकज केजरीवाल, अजय पोद्दार, अरुण जोशी, राजीव मित्तल, अशोक चौधरी, एचपी साबू, राकेश वर्मा, मुकेश सिन्हा, दीपक धानुका, बीरेंद्र मोदी, मनोज काबरा, ज्ञान रंजन, दीपक गाड़ोदिया, विनय गोयनका, अमित पांडेय, विकास जैन, मनोज चौधरी, राहुल पटेल, जफ़र इक़बाल, प्रमोद रंजन, किशन अग्रवाल, दिवाकर शर्मा के अलावा काफी संख्या में अधिवक्ता, टैक्स प्रैक्टिशनर और व्यापारी उपस्थित थे।
-
रोहित अग्रवाल
महासचिव
=====================
Copyright © 2021-2026 FJCCI