Press Release

Jharkhand Budget: Trade Bodies Welcome Infra Push, Seek More for Capital Investment.

  • 24Feb-2026

    प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक :-24/02/2026)
    झारखण्ड बजट 2026-27 राज्य के विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल है, परंतु उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए बजट आवंटन को और बढ़ाने की आवश्यकता स्पष्ट रूप से महसूस होती है। औद्योगिक विकास राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके माध्यम से व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन संभव है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई और कौशल विकास पर दिया गया जोर सराहनीय है, लेकिन उद्योगों के लिए पूंजीगत निवेश, ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और क्लस्टर विकास के लिए अधिक प्रावधान अपेक्षित थे। विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योगों के लिए समर्पित प्रोत्साहन पैकेज से निवेश को गति मिल सकती थी। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि उपलब्धता, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल विंडो सिस्टम की प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया पर और ठोस पहल जरूरी है। लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज को बढ़ावा देने की दिशा में भी बजट में अधिक स्पष्टता होनी चाहिए थी।

    व्यापार के दृष्टिकोण से जीएसटी अनुपालन में सरलीकरण, निरीक्षण प्रणाली में पारदर्शिता और छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं का विस्तार भी आवश्यक है। निर्यात प्रोत्साहन, ई-कॉमर्स को बढ़ावा और स्थानीय उत्पादों के ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिए विशेष नीति राज्य के व्यापार को नई ऊंचाई दे सकती है। कुल मिलाकर बजट संतुलित है, लेकिन उद्योग और व्यापार की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और अधिक व्यवस्था एवं लक्ष्य आधारित प्रावधान किए जाने चाहिए थे। चैम्बर सरकार के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से राज्य को एक मजबूत औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    -
    आदित्य मल्होत्रा 
    अध्यक्ष
    ---------
    यह बजट संतुलित और दूरदर्शी प्रतीत होता है। सरकार ने उद्योग, व्यापार और आम नागरिक—तीनों वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए हैं। कर संरचना में सुधार, बुनियादी ढाँचे पर निवेश और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है। यदि इन घोषणाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो राज्य में निवेश, उत्पादन और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हमें उम्मीद है कि व्यापारियों के लिए प्रक्रियाएँ और अधिक सरल होंगी तथा उद्योग जगत को स्थिर नीतिगत वातावरण मिलता रहेगा।
    -
    प्रवीण लोहिया, उपाध्यक्ष 
    =======
    झारखंड बजट 2026–27 विकासोन्मुखी तथा वित्तीय अनुशासन पर आधारित संतुलित बजट है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि और आधारभूत संरचना पर विशेष बल राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती की दिशा में सकारात्मक संकेत है। सड़क, सिंचाई, भंडारण एवं संस्थागत संरचना में निवेश से निर्माण, स्टील, सीमेंट, परिवहन और संबंधित क्षेत्रों को गति मिलेगी तथा रोजगार सृजन में वृद्धि होगी।

    वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच के माध्यम से झारखंड को 1 लाख 24 हजार 230 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होना राज्य की औद्योगिक संभावनाओं और सरकार की सक्रिय पहल का प्रमाण है। इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण एवं अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगभग 45 हजार रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना निश्चित रूप से राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगी। साथ ही साथ एमएसएमई, स्टार्टअप और छोटे व्यापारियों के लिए और ठोस प्रोत्साहन अपेक्षित है। राजकोषीय घाटे को नियंत्रित स्तर पर रखना निवेशकों के विश्वास को मजबूत करता है और राज्य की वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है।

    सरकार ने बजट के माध्यम से टूरिज्म, हेल्थ, उद्योग और शिक्षा के साथ-साथ समग्र आर्थिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में संतुलित प्रयास किया है। पर्यटन के लिए सीधे बड़े प्रावधान सीमित दिखते हैं, लेकिन सड़क और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर निवेश से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। यदि इसे योजनाबद्ध तरीके से जोड़ा जाए, तो इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को गति मिल सकती है। उद्योगों के लिए निवेश आकर्षित करने, लॉजिस्टिक्स सुधार और पूंजीगत व्यय बढ़ाने का प्रयास दिखता है। कुल मिलाकर बजट विकास की मजबूत नींव रखता है, पर पर्यटन और उद्योग में अधिक आक्रामक दृष्टिकोण से राज्य को और गति मिल सकती है।
    -
    रोहित अग्रवाल 
    महासचिव
    ========
    झारखण्ड बजट राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देने वाला है। उद्योग, व्यापार और स्टार्टअप सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत देखने को मिलते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और व्यापारिक माहौल बेहतर होगा। हम आशा करते हैं कि सरकार नीति क्रियान्वयन में पारदर्शिता और सरलता बनाए रखेगी, जिससे उद्यमियों का विश्वास और मजबूत होगा।
    -
    नवजोत अलंग 
    सह सचिव
    =======
    वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट विकासोन्मुख और उद्योग-हितैषी दिशा में उठाया गया कदम है। व्यापार एवं उद्योग को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रावधान राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे। विशेष रूप से एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी। यह बजट निवेश आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने में सहायक होगा। हमें उम्मीद है कि सरकार निरंतर सुधार के साथ इन योजनाओं को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू करेगी।
    -
    रोहित पोद्दार 
    सह सचिव
    =======
    वित्तीय प्रबंधन की दृष्टि से संतुलित एवं अनुशासित बजट है। राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमेय सीमा के भीतर रखना तथा ऋण-जीडीपी अनुपात में सुधार राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता को दर्शाता है। सिंकिंग फंड एवं बजट स्थिरीकरण कोष में प्रावधान भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी का संकेत है। राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि और पूंजीगत व्यय पर बल से राज्य की विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। यह निवेश दीर्घकाल में उद्योगों के लिए बेहतर परिवेश तैयार करेगा। विशेषकर आधारभूत संरचना, भंडारण, सिंचाई एवं ग्रामीण विकास में निवेश से व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा। हालांकि, कर अनुपालन प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, जीएसटी रिफंड में तेजी लाने तथा उद्योगों के लिए ऊर्जा लागत को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की अपेक्षा है।
    ----
    अनिल कुमार अग्रवाल 
    कोषाध्यक्ष
    ========
    झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 राज्य के व्यापार, उद्योग एवं उद्यमिता के लिए सकारात्मक एवं विकासोन्मुखी दिशा दिखाता है। बजट में अधोसंरचना विकास, पूंजीगत व्यय तथा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) पर दिया गया विशेष जोर राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।

    पूंजीगत व्यय में वृद्धि, औद्योगिक अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स एवं ग्रामीण विकास पर फोकस से विभिन्न क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी तथा स्थानीय व्यापार एवं उद्योग के लिए नए अवसर सृजित होंगे। ग्रीन इंडस्ट्री, क्रिटिकल मिनरल्स, कृषि प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य, वेयरहाउस एवं सोलर आधारित परियोजनाओं पर सरकार का विशेष ध्यान निवेश एवं रोजगार की नई संभावनाएँ उत्पन्न करेगा। राज्य सरकार की वित्तीय अनुशासन, राजस्व वृद्धि एवं निवेश अनुकूल नीतियाँ निवेशकों के विश्वास को और मजबूत करेंगी। PPP मॉडल एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने से औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। व्यवसायिक समुदाय की ओर से हम राज्य सरकार के समावेशी आर्थिक विकास के प्रयासों का स्वागत करते हैं तथा झारखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं।
    -
    विकास विजयवर्गीय 
    कार्यकारिणी सदस्य
    =======
    बजट में सरकार ने विकास और सामाजिक संतुलन के बीच सामंजस्य बनाने का प्रयास किया है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास और कौशल निर्माण पर दिया गया जोर दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का आधार तैयार करेगा।

    हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र के दृष्टिकोण से देखें तो बजट में अपेक्षित प्रावधान की कमी दिखाई देती है। राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं को देखते हुए मैन्युफैक्चरिंग और वैल्यू एडिशन सेक्टर के लिए अधिक प्रोत्साहन की आवश्यकता थी। एमएसएमई के लिए योजनाएं तो हैं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन और आसान वित्तीय पहुंच पर विशेष ध्यान देना होगा। सबसे अहम बात यह है कि घोषित योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होना चाहिए। इसके साथ ही ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को केवल नीति तक सीमित न रखकर जमीन पर लागू करना होगा, जहां मिनिमम गवर्नेंस और अधिकतम सुविधा का वातावरण उद्योग और व्यापार को वास्तविक गति देगा।

    बजट में निवेश आकर्षित करने के संकेत जरूर हैं, लेकिन नीतिगत स्थिरता, त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया और सिंगल विंडो सिस्टम की वास्तविक प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सबसे अहम होगा। जिसका जिक्र नहीं किया गया है। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में भी और स्पष्ट रोडमैप अपेक्षित था।

    व्यापारिक दृष्टिकोण से यह बजट एक सकारात्मक आधार प्रदान करता है, लेकिन यदि उद्योगों के लिए अधिक संसाधन और स्पष्ट नीतिगत समर्थन जोड़ा जाए, तो झारखण्ड देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
    -
    कुणाल अजमानी 
    पूर्व अध्यक्ष

Copyright © 2021-2026 FJCCI