Press Release

Union Budget 2026: How FJCCI Members View the Road Ahead.

  • 01Feb-2026

    प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक 01.02.2026)

    वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत आम बजट का प्रसारण देखने सुनने की व्यवस्था आज चैंबर भवन में की गई। इस अवसर पर काफी संख्या में व्यापारियों, उद्यमियों एवं प्रोफेशनल्स ने उपस्थित होकर, बजट प्रसारण को देखा। आम बजट पर व्यापार एवं उद्योग जगत की राय निम्नवत् हैः-

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    वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट समावेशी है। इसमें जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में कमी, हेल्थ सेक्टर और आयुर्वेद पर विशेष फोकस स्वागतयोग्य है। रांची में निम्हांस-2 की स्थापना भी एक सकारात्मक कदम है। हालांकि झारखण्ड के उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों के अनुरूप विशेष ध्यान अपेक्षित था। राज्य के समग्र विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं और रेलवे नेटवर्क के व्यापक विस्तार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। वनों की रक्षा के कारण राज्य अपने कई संसाधनों का उपयोग नहीं कर पा रहा है, इसलिए इसके एवज में केंद्र सरकार द्वारा झारखण्ड को विशेष केंद्रीय फंड उपलब्ध कराना न्यायसंगत होता। थर्मल पावर, अतिरिक्त स्टील प्लांट्स, डिफेंस मटेरियल यूनिट्स, उच्च शैक्षणिक संस्थान, स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन, महुआ बोर्ड और बायोफ्यूल निवेश जैसी पहलें राज्य में रोजगार और औद्योगिक विकास को तेज कर सकती थीं, लेकिन इनका उल्लेख बजट में नहीं है। झारखण्ड के आदिवासी बहुल इलाके आज तक रेल की सुविधा से वंचित हैं। यहाँ की इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों के अनुरूप थर्मल पावर स्टेशन और एक दो अतिरिक्त स्टील प्लांट्स की स्थापना आवश्यक थी। क्रिटिकल मिनरल्स और नए बिजनेस फॉर्मेट्स पर बजट में प्रावधान है, लेकिन झारखण्ड को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। यहाँ मौजूद कॉल बेड मीथेन को बायोफ्यूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता था लेकिन इस क्षेत्र में निवेश नहीं हुआ।

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    आदित्य मल्होत्रा, अध्यक्ष, झारखण्ड चैंबर

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    बजट में हेल्थ, टूरिज्म, आयुर्वेद, बच्चियों के छात्रावास, छोटे शहरों का विकास, जीवनरक्षक दवाओं में छूट, जलमार्ग, स्पीड कॉरिडोर, बुद्धिस्ट सर्किट एवं उत्पादन प्रोत्साहन जैसे विषय शामिल हैं। परंतु योजनाओं की स्पष्ट रूपरेखा का अभाव दिखता है, जो विस्तृत अध्ययन के बाद ही स्पष्ट होगी। झारखण्ड के परिप्रेक्ष्य में जलमार्ग, खनिज या स्पीड कॉरिडोर को कोई विशेष तवज्जो नहीं मिली जबकि विकसित भारत 2047 के विज़न में झारखण्ड अपनी अपार संसाधन क्षमता से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह उपेक्षा बजट में प्रथम दृष्टया दिखाई देती है। निमहांस 2 की स्थापना स्वागतयोग्य है। हम मांग करते हैं कि जलमार्ग व स्पीड कॉरिडोर विकास के साथ-साथ, वन आच्छादित क्षेत्रों की अधिकता को देखते हुए प्रस्तावित तीन आयुर्वेद संस्थानों में से एक झारखण्ड में स्थापित किया जाय जिससे मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिले और राज्य वैश्विक मानचित्र पर उभरे।

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    राम बांगड

    उपाध्यक्ष

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    केंद्रीय बजट 2026-27 विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक संतुलित एवं दूरदर्शी कदम है। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा हुआ निवेश, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण को प्रोत्साहन, तथा एमएसएमई के लिए विशेष ग्रोथ फंड से उद्योग जगत में नई ऊर्जा आएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा और कौशल विकास पर फोकस से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही राज्यों को कर हिस्सेदारी बनाए रखने से संघीय ढांचे को मजबूती मिलेगी। हमें विश्वास है कि यह बजट व्यापार, निवेश और समावेशी विकास को नई गति देगा।

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    प्रवीण लोहिया

    उपाध्यक्ष

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    केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, एमएसएमई, स्वास्थ्य और कर सुधारों पर दिया गया जोर आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक है। रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क सुदृढ़ होगा, जिससे राज्य में उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। खनिज एवं स्टील आधारित उद्योगों के लिए वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस झारखंड की औद्योगिक क्षमता को नई दिशा देगा। एमएसएमई सेक्टर के लिए क्रेडिट, इक्विटी फंड और क्लस्टर विकास योजनाएँ छोटे एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाएँगी तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बजट में न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) को 14 प्रतिशत किए जाने का निर्णय उद्योग जगत के लिए राहतकारी है, जिससे कंपनियों की कर-देनदारी घटेगी और निवेश एवं विस्तार को बल मिलेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश से रांची स्थित केंद्रीय मनोरोग संस्थान, रांची जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के विकास की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी।

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    रोहित अग्रवाल

    महासचिव

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    केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र के लिए मजबूत और जनहितकारी दृष्टि दिखाई देती है। 1000 नए रिसर्च सेंटर, भारत को ग्लोबल फार्मा हब बनाने की दिशा तथा कैंसर, डायबिटीज और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने का कदम आम मरीजों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, रांची स्थित सीआईपी को मजबूती, और 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक केंद्रों की स्थापना समग्र और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था को आगे बढ़ाएगी। यह बजट शोध, किफायती इलाज और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए भारत के स्वास्थ्य भविष्य को सुदृढ़ करने वाला है।

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    डॉ. अभिषेक रामाधीन, कार्यकारिणी सदस्य

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    टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार टूरिस्ट गाइड की नियुक्ति की घोषणा, मेगा टेक्सटाइल पार्क के निर्माण, चार राज्यों को जोड़कर खनिज कॉरिडोर की स्थापना तथा मेडिकल सेक्टर में क्रिटिकल बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने का प्रावधान स्वागतयोग्य है। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के आसपास के छोटे शहरों को विकसित करने और पूर्वी भारत में विशेष कॉरिडोर के निर्माण की भी बात कही गई है। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन मध्यम वर्गीय परिवार यदि आय छुपाने की गलती करता है तो अब सजा के बजाय 30 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना देने का प्रावधान किया गया है, जो एक व्यवहारिक और स्वागतयोग्य कदम है।

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    मुकेश अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य

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    वित्त मंत्री द्वारा बजट में युवाओं को अवसर और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। कॉरपोरेट मित्र जैसी पहल, ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंडिया और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम युवाओं को व्यवसाय, इनोवेशन और रोजगार के नए अवसर देंगे। ये योजनाएँ युवाओं को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाने में प्रभावी साबित होंगी।

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    अमित शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य

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    आम बजट 2026 में आयकर संबंधी कुछ प्रावधानों को सरल और सहज बनाना एक स्वागतयोग्य कदम है। यह मध्यम वर्गीय करदाताओं के लिए राहत और कर अनुपालन को आसान बनाने में मदद करेगा। साथ ही, कैंसर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को टैक्स फ्री करना अत्यंत सराहनीय पहल है। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और रोगियों पर वित्तीय बोझ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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    मनीष सराफ, कार्यकारिणी सदस्य

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    ओवरऑल बजट अच्छा है, लेकिन झारखण्ड के परिप्रेक्ष्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास में अपेक्षाएँ पूरी नहीं हो पाई हैं। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अभी तक चालू नहीं हो सका है और बजट में नई रेल कनेक्टिविटी की भी घोषणा नहीं दिखी। हालांकि, निमहांस-2 की स्थापना से मेडिकल टूरिज्म सेक्टर में वृद्धि देखने को मिलेगी। टीसीएस को 2 प्रतिशत फ्लैट किए जाने से विदेशी पर्यटन सस्ता होगा और विदेश में पढ़ने जाने वाले छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।

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    शैलेष अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य

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    बजट में विकास, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण पर दिए जोर का स्वागत करता हूं। लेकिन व्यापार और छोटे उद्योगों को राहत देने वाले बड़े कदमों की कमी से निराशा हुई है। स्वास्थ्य, शिक्षा व ग्रामीण विकास के लिए ज्यादा फंड अच्छा है, पर कागजी काम कम करने, टैक्स में राहत और लोन आसान करने जैसे कदम न होने से उद्यमियों को फायदा कम मिलेगा। खर्च पर कंट्रोल सही है, लेकिन फैक्ट्रियां, सर्विस व स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहन जरूरी हैं ताकि झारखंड अपनी ताकत का पूरा इस्तेमाल करे। हम सरकार से झारखण्ड चैंबर जैसे संगठनों के साथ मिलकर समय पर काम, आसान नियम और नौकरियों वाले उद्योगों का प्लान बनाने को कहते हैं, ताकि बजट का फायदा सबको मिले।

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    राहुल साबू, कार्यकारिणी सदस्य

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    बजट में व्यवसाय की सुगमता और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर ध्यान दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10,000 करोड़ की योजना और टनल बोरिंग इक्विपमेंट के स्वदेशी निर्माण से निर्माण एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी। एमएसएमई के लिए तेज भुगतान व्यवस्था, सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड में वृद्धि और स्किल आधारित पहलों से छोटे उद्यमों को स्थिरता मिलेगी।

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    तुलसी पटेल, कार्यकारिणी सदस्य

    बजट में सीनियर सिटीजन के हितों को ध्यान में रखते हुए कर सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस और वित्तीय प्रक्रियाओं को सरल करने के प्रयास सकारात्मक हैं। सीनियर सिटीजन के लिए अनुपालन बोझ कम करना और व्यवसाय को सुगम बनाने की पहल स्वागतयोग्य है।

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    ओम प्रकाश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष

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    बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। सी-प्लेन के स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन देना एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए दूरदर्शी कदम है। इससे जल से घिरे और दूरदराज़ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और घरेलू विमान निर्माण क्षमता को मजबूती मिलेगी। साथ ही, लास्ट-माइल और रिमोट एरिया कनेक्टिविटी को मजबूत करने की पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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    पवन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष

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    बजट से झारखण्ड की जनता को केंद्र सरकार से विशेष अपेक्षाएँ थीं, जिनमें से कुछ पूरी जरूर हुई हैं। हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि झारखण्ड पर विशेष ध्यान देते हुए यहां के उद्योग एवं व्यापार के विकास के लिए और प्रभावी कदम उठाए जाएँ।

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    विनय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष

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    बजट में वैश्विक स्तर पर भारत को अन्य विकसित देशों से जोड़ने की कोशिश दिखती है, लेकिन घरेलू स्तर पर पिछड़े राज्यों के साथ पारदर्शी और व्यापक सोच के साथ काम करने की जरूरत है, जो इस बजट में स्पष्ट नहीं दिखती। ओडिशा को क्रिटिकल और रेयर अर्थ मिनरल के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यवस्था आवश्यक थी, लेकिन झारखण्ड को इसमें शामिल न किया जाना समझ से परे है। झारखण्ड में भी खनिज संसाधनों की प्रचुरता है, जिसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। रांची में निमहांस-2 की स्थापना एक स्वागतयोग्य कदम है और यह इस क्षेत्र में सरकार की सकारात्मक पहल को दर्शाता है। नॉर्थ ईस्ट को ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करना सराहनीय है और उसका विकास आवश्यक भी है, लेकिन ईस्टर्न स्टेट् जैसे झारखण्ड, बिहार, बंगाल और ओडिशा के लिए भी समग्र विकास की स्पष्ट रणनीति अपेक्षित थी। लिटिगेशन कम करने की कोशिश प्रशंसनीय है। एमएसएमई सेक्टर में अभी और स्पष्टता की आवश्यकता है।

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    दीपक कुमार मारू, पूर्व अध्यक्ष

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    वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और विकास को गति प्रदान करने वाला बजट है। बजट में पूंजीगत व्यय पर विशेष जोर देकर इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैनुफैक्चरिंग और रोजगार सृजन के लिए सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। एमएसएमई सेक्टर के लिए प्रावधान, ग्रोथ फंड और वित्तीय सहयोग से छोटे-मध्यम उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिसका सीधा लाभ झारखण्ड जैसे औद्योगिक एवं खनिज-समृद्ध राज्य को होगा। टैक्स प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में उठाए गए कदम व्यापार सुगमता बढ़ाने में सहायक होंगे। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश से समावेशी विकास को बल मिलेगा। विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, बायो-फार्मा और कौशल विकास पर फोकस भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। कुल मिलाकर यह बजट विकास और सामाजिक संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करता है।

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    कुणाल अजमानी, पूर्व अध्यक्ष

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    आम बजट 2026 सकारात्मक और समावेशी है। हेल्थ, आयुर्वेद, एमएसएमई, टेक्सटाइल और डिजिटल इंडिया पर फोकस निवेश, रोजगार और विकास को बढ़ावा देगा। आयकर प्रावधानों को सरल बनाना और जीवनरक्षक दवाओं को टैक्स फ्री करना स्वागतयोग्य कदम है। झारखण्ड को भविष्य में और विशेष प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।

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    किशोर मंत्री, पूर्व अध्यक्ष

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    बजट में टेक्सटाइल और हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूती देने की पहल स्वागतयोग्य है। मेगा टेक्सटाइल पार्क्स से विश्वस्तरीय निर्माण क्लस्टर बनेंगे और नई टेक्सटाइल एक्सपैंशन एवं एम्प्लॉयमेंट योजना से पूरे मूल्य श्रृंखला में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम तथा महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से कारीगरों और ग्रामीण उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाने का अवसर मिलेगा। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कौशल को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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    परेश गट्टानी, निवर्तमान अध्यक्ष

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    आम बजट 2026 में रेलवे के आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार और कनेक्टिविटी सुधार की घोषणाएँ स्वागतयोग्य हैं। हालांकि झारखण्ड के परिप्रेक्ष्य में बजट में कुछ विशेष उल्लेख नहीं किया गया हे। इससे आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं छोटे व्यापारियों और एमएसएमई सेक्टर के लिए प्रक्रियाओं को सरल करने, अनुपालन बोझ घटाने और वित्तीय राहत देने के प्रयास सराहनीय हैं। यह बजट रोजगार सृजन, स्थानीय व्यापार के सशक्तिकरण और समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में सकारात्मक कदम है। ई कॉमर्स कंपनी पर कडे कानून की आवष्यकता थी जिससे छोटे व्यापारियों को राहत हो सकती थी इसपर विचार नहीं करना चिंतनीय है।

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    संजय अखौरी, चेयरमेन, रेलवे उप समिति एवं सदस्य डीआरयूसीसी

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    आम बजट विकसित भारत, अर्थव्यव्स्था को मजबूती, आत्मनिर्भर भारत बनानेवाला बजट है। सीनियर सिटीजन को मिलनेवाली सुविधा शुरू होनी चाहिए। बजट में किसानों के प्रोत्साहन से जुडी घोषणाएं स्वागतयोग्य हैं।

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    किशन अग्रवाल, उप समिति चेयरमेन

     

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