प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक: 21/01/2026)
दावोस में झारखण्ड में निवेश संभावनाओं और क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक संवाद तेज
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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा एवं महासचिव रोहित अग्रवाल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जयंत सिन्हा, लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन यूसुफ अली तथा नेशनल यूएस-इंडिया चेम्बर ऑफ कॉमर्स की फाउंडर एंड सीईओ पूर्णिमा वोरीया समेत कई व्यापार-उद्योग और अकादमिक जगत के प्रतिनिधियों से शिष्टाचार भेंट कर झारखण्ड में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। वार्ता के क्रम में चैम्बर द्वारा राज्य की औद्योगिक संभावनाओं से अवगत कराते हुए वैश्विक निवेशकों को झारखण्ड में निवेश हेतु आमंत्रित भी किया।
इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री झारखण्ड के नेतृत्व में राज्य सरकार के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा दावोस स्थित झारखण्ड पवेलियन में क्रिटिकल मिनरल्स पर एक विशेष राउंड टेबल सत्र का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता प्रशांत कुमार, वित्त सचिव, झारखण्ड सरकार ने की। सत्र में वरुण रंजन सहित उद्योग, नीति एवं निवेश क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। जर्मनी से आये डॉ. मार्टिन एवं डॉ डेनिस ने स्टेकहोल्डर्स के दृष्टिकोण पर महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी तथा क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर को लेकर बहुमूल्य जानकारियाँ साझा कीं।
इस सत्र में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं महासचिव भी उपस्थित रहे और चैम्बर ने सक्रिय सहभागिता निभाई। चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखण्ड भारत के क्रिटिकल मिनरल्स इकोसिस्टम में एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। यहाँ वैल्यू एडिशन, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार खनन को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि राज्य सतत औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।
महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए उद्योग और सरकार के बीच संवाद, नीति में स्थिरता तथा ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस अत्यंत आवश्यक हैं। झारखण्ड में यह वातावरण निरंतर सुदृढ़ हो रहा है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। बैठक एवं सत्र के दौरान झारखण्ड की खनिज क्षमता, क्रिटिकल मिनरल्स में निवेश अवसर, औद्योगिक विकास तथा सतत खनन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। हमारा मानना है कि दावोस जैसे वैश्विक मंच पर झारखण्ड की सशक्त उपस्थिति राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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रोहित अग्रवाल
महासचिव
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