Press Release

FJCCI Submits Comprehensive Proposals for State Budget 2026-27 in Pre-Budget Meet.

  • 15Jan-2026

    प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक: 15/01/2026)
    प्री-बजट बैठक में झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने रखे झारखण्ड बजट 2026-27 के लिए व्यापक सुझाव
    झारखण्ड को बनाएंगे निवेश का नया केंद्र – आदित्य मल्होत्रा
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    झारखण्ड सरकार के वित्त विभाग द्वारा आज प्रोजेक्ट भवन में आयोजित प्री-बजट बैठक में फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने झारखण्ड बजट 2026-27 के लिए उद्योग, व्यापार, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के समक्ष रखे। चैम्बर अध्यक्ष ने कहा कि झारखण्ड आज आर्थिक परिवर्तन के निर्णायक दौर से गुजर रहा है। राज्य को खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर विविध औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके सशक्तिकरण से ही रोजगार सृजन एवं समावेशी विकास संभव है।

    एमएसएमई और औद्योगिक विकास हेतु उन्होंने प्रत्येक जिले में न्यूनतम 25 एकड़ का समर्पित एमएसएमई लैंड बैंक स्थापित करने, नए एमएसएमई उद्योगों को 5 वर्षों तक स्टाम्प ड्यूटी, बिजली शुल्क एवं एसजीएसटी में छूट देने, नए लोन पर 2 फीसदी ब्याज अनुदान तथा 5 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी योजना का विस्तार करने की बात कही। उन्होंने यह भी सुझाया कि बंद खदानों को पुनः चालू करने और माइका उद्योग के पुनरुद्धार हेतु विशेष पैकेज घोषित किया जाना चाहिए। 

    ऊर्जा क्षेत्र में सुधार हेतु उन्होंने उद्योगों के लिए प्रिडेक्टिबल पावर प्राइजिंग फ्रेमवर्क लागू करने की बात कही जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक योजना बनाने में सुविधा मिले। एमएसएमई के लिए रूफटॉप सोलर पर सब्सिडी तथा ग्रीन एनर्जी अपनाने वाले उद्योगों के लिए ग्रीन टैरिफ शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने निवेशकों के लिए डिजिटल यूटिलिटी मैप पोर्टल विकसित करने का सुझाव दिया। यह कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम को वास्तविक अर्थों में वन-प्वाइंट क्लीयरेंस सिस्टम बनाया जाए और सभी क्लीयरेंस 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से दी जाएँ।

    चैम्बर द्वारा झारखण्ड के स्टार्टअप्स को सरकारी टेंडर में प्राथमिकता, ईएमडी से छूट तथा 100 करोड़ रु० के झारखण्ड इनोवेशन फंड की स्थापना का प्रस्ताव भी दिया गया। उद्यमियों की समस्याओं के समाधान हेतु स्थायी ट्रेड एंड इंडस्ट्री कमीशन का गठन, सूक्ष्म उद्यमों को टैक्स ऑडिट से राहत, विभिन्न विभागों में लंबित भुगतानों के शीघ्र निपटारे हेतु समयबद्ध तंत्र लागू करने की बात कही गई। चैम्बर द्वारा दिए गए सुझाव में प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए अपराजिता महिला वेंडर मार्केट की स्थापना, स्थानीय निवासियों को लघु खनिज के संग्रह एवं परिवहन में सरलता देने हेतु नीति संशोधन, रामगढ़, धनबाद जैसे क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए जस्ट ट्रांजिशन फंड का गठन, उद्योगों और आईटीआई के बीच पीपीपी मॉडल पर स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाना भी शामिल है। 

    चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स को राज्य का आधिकारिक स्टेट इंडस्ट्री पार्टनर घोषित किया जाय, जिससे नीति निर्माण और क्रियान्वयन में उद्योग जगत की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने 5 से 10 वर्षों की दीर्घकालिक औद्योगिक नीति स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इन सुझावों को बजट 2026-27 में शामिल किया जाता है, तो झारखण्ड शीघ्र ही पूर्वी भारत का औद्योगिक पावरहाउस बन सकता है और विकसित झारखण्ड का सपना साकार होगा।

    माननीय वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा दिए गए सभी सुझावों की सराहना की और सुझावों को बजट में प्राथमिकता देने के लिए आश्वस्त किया। इस अवसर पर वित्त सचिव अबू इमरान, प्रशांत कुमार, मनोज कुमार, जितेंद्र सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया, उप समिति चेयरमैन आदित्य शाह और पंकज मक्कड़ भी शामिल थे।  
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    रोहित अग्रवाल
    महासचिव 
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